सेवा की कहानीः धान की पारंपरिक खेती छोड़ नवाचार की राह पर बढ़े किसान मुकंदर सिंह
अम्बिकापुर, 13 अक्टूबर 2026/sns/- खेती में नवाचार और फसल विविधीकरण अपनाकर किसान अपनी आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत ग्राम दरिमा के किसान मुकंदर सिंह की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है। वर्षों से धान की खेती करने वाले मुकंदर सिंह ने इस खरीफ सीजन में कृषि विभाग के मार्गदर्शन से खेती का तरीका बदला है। उन्होंने धान के स्थान पर लगभग डेढ़ एकड़ में अदरक की खेती की है और खेतों की मेड़ों पर अरहर लगाई है। वर्तमान में उनकी फसल अच्छी स्थिति में है, जिससे वे उत्साहित हैं। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी ने भी उन्हें वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विभाग की सलाह से बदला खेती का तरीका-
ग्राम दरिमा निवासी किसान मुकंदर सिंह, पिता श्री बरातु सिंह ने बताया कि खरीफ फसल की बुआई से पहले वे दरिमा समिति पहुंचे थे। वहां उपस्थित कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती करने के फायदे बताए। अधिकारियों ने अरहर, तिलहन सहित वैकल्पिक फसलों की खेती और फसल विविधीकरण के लिए शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी दी।
मुकंदर सिंह ने बताया कि अधिकारियों से मिली जानकारी और मार्गदर्शन के बाद उन्होंने अपने खेत में इस वर्ष कुछ अलग करने का निर्णय लिया। पिछले वर्ष जिस भूमि पर धान की खेती की थी, वहां इस बार अदरक की फसल लगाई। इसके साथ ही खेतों की मेड़ों का उपयोग अरहर की खेती के लिए किया, जिससे उपलब्ध कृषि भूमि का बेहतर उपयोग हो सके।
डेढ़ एकड़ में अदरक की खेती, मेड़ों पर अरहर से अतिरिक्त उत्पादन की उम्मीद
मुकंदर सिंह ने लगभग डेढ़ एकड़ रकबे में अदरक की खेती की है। इसके साथ खेतों की मेड़ों पर कृषि विभाग से प्राप्त अरहर के बीज लगाए हैं। इस तरह उन्होंने एक ही खेत में मुख्य फसल के साथ मेड़ों पर दूसरी फसल उगाने की पहल की है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अदरक और अरहर की फसल अच्छी स्थिति में है। खेत में फसलों की बढ़वार देखकर उन्हें संतोष हो रहा है। पहले वे इस रकबे में धान की खेती करते थे, लेकिन इस वर्ष वैकल्पिक फसल अपनाकर खेती में नया प्रयोग किया है। उन्हें उम्मीद है कि अदरक के उत्पादन के साथ मेड़ों पर लगी अरहर से भी अतिरिक्त उपज प्राप्त होगी।
प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने की उम्मीद
मुकंदर सिंह ने बताया कि दरिमा समिति में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान के स्थान पर निर्धारित वैकल्पिक फसलों की खेती करने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने की जानकारी दी थी। इसी जानकारी से प्रेरित होकर उन्होंने फसल विविधीकरण अपनाया है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अन्य फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है।
अच्छी फसल देखकर खुश हैं मुकंदर सिंह
अपना अनुभव साझा करते हुए मुकंदर सिंह ने बताया, ष्मैं ग्राम दरिमा का किसान हूं। पिछले वर्ष इस खेत में धान लगाया था। इस वर्ष कृषि विभाग के अधिकारियों की सलाह पर लगभग डेढ़ एकड़ में अदरक की खेती की है और मेड़ों पर अरहर लगाई है। अरहर के बीज भी कृषि विभाग से मिले हैं। अभी मेरी फसल बहुत अच्छी है। अधिकारियों ने बताया था कि धान के बदले दूसरी फसल लगाने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। मैं अपनी खेती से बहुत खुश हूं।ष्
मुकंदर सिंह ने खेती में बदलाव के लिए मिले मार्गदर्शन और योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि की जानकारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।