एचआईवी/एड्स नियंत्रण में जिले की बड़ी उपलब्धि, निर्धारित लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में बना अग्रणी जिला

मोहला, 03 नवंबर 2026/sns/- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एचआईवी/एड्स नियंत्रण की दिशा में विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य हासिल कर जिले ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी एवं क्लस्टर प्रोग्राम मैनेजर को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यसभा सांसद एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने राज्योत्सव के मंच पर यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर सम्मान स्वरूप डायरी भी भेंट की गई। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक एचआईवी संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 95-95-95 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत जिले में एचआईवी संक्रमण की जांच के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना, संक्रमित व्यक्तियों को एआरटी सेंटर दुर्ग में पंजीकृत कर उपचार से जोड़ना तथा उपचाररत 95 प्रतिशत लोगों का वायरल लोड नियंत्रित करना शामिल है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले ने इन निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए प्रदेश में सबसे पहले यह उपलब्धि हासिल की है और सुरक्षित जिले की श्रेणी में अपना स्थान बनाया है। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य अमले की निरंतर मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है। विशेष रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद आईसीटीसी काउंसलर एवं लैब टेक्नीशियन ने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान स्वास्थ्य अमले को भविष्य में भी एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संक्रमण की रोकथाम करने तथा समाज में इससे जुड़े भेदभाव को दूर करने के लिए और अधिक प्रेरित करेगा। जिले में अब सुरक्षित प्लस की श्रेणी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की एचआईवी एवं सिफलिस जांच सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में समय पर संक्रमण की पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध कराना तथा नवजात शिशुओं को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षित रखना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस दिशा में जांच, परामर्श एवं उपचार संबंधी सेवाओं को प्रभावी बनाने पर विशेष कार्य किया जा रहा है।

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