उपभोक्ता आयोग ने दिलाई बीमा पॉलिसी की देय शेष राशि

बलौदाबाजार, 03 नवम्बर 2026/sns/- उपभोक्ता के बीमा बचत मनी बैक पालिसी की शेष बचत राशि प्रदाय नहीं किये आने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उक्त बीमा पालिसी में देय शेष राशि एवं उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 10000 तथा वाद-व्यय हेतु 5000 रूपये परिवादी को प्रदाय किये जाने का आदेश पारित किया ।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार गाँधी चौक निवासी शैलेश कुमार गुप्ता ने  20 मार्च 2014 को भारतीय जीवन बीमा निगम की बीमा बचत मनी बैंक पालिसी 12 वर्षों के लिए लिया था जिसका एकल प्रीमियम 75567 रुपए  अदा किया।पालिसी ब्रोसर के अनुसार कुल परिपक्व राशि 1,57,945प्राप्त होना था, परंतु विरोधी पक्षकार द्वारा  कुल 1,26,066 राशि परिवादी को प्रदाय किया गया शेष राशि अदा नहीं किया गया।विरोधी पक्षकार के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर परिवादी के द्वारा कई बार निवेदन भी किया गया परन्तु शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया जिससे परिवेदित होकर परिवादी द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत किया गया।

 आयोग के अध्यक्ष रंजना दता एवं सदस्यगण हरजीत सिंह चांवला व शारदा सोनी ने पेश दस्तावेजों एवं संबंधित नियम आदि का सूक्ष्मता से अध्ययन कर पाया कि विरोधी पक्षकार द्वारा पालिसी में देय लाभ, हित लाभ लायल्टी एडीशन की गणना अलग अलग प्रकार से किया गया है, जो कि पूर्ण रूपेण स्पष्ट नहीं है।पालिसी में देय राशि की गणना उचित रूप से नहीं कर विरोधी पक्षकार द्वारा सेवा में कमी किया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार द्वारा विरोधी पक्षकार भारतीय जीवन बीमा निगम भाटापारा को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता को बीमा पालिसी में देय शेष राशि एवं उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति हेतु राशि 10000 तथा वाद-व्यय हेतु 5000 रूपये परिवादी को आदेश दिनांक से 45 दिवस के भीतर भुगतान किये जाने का आदेश पारित किया गया है।

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