सर्वेक्षण के जरिए शाला त्यागी, अप्रवेशी एवं दिव्यांग बच्चों शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेगा ‘लइका चिन्हारी ऐप’

मुंगेली, 06 नवंबर 2026/sns/-   कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को उसकी आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में ‘लइका चिन्हारी ऐप’ के माध्यम से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार बीआरसी भवन, लोरमी में जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, मुंगेली के तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में यू-डाइस के ड्रॉप बॉक्स में दर्ज बच्चों, शाला त्यागी, अप्रवेशी एवं दिव्यांग बच्चों की पहचान तथा उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सर्वेयर एवं संबंधित अधिकारियों को ऐप के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना था। इस दौरान सर्वेयर के चयन, मानदेय, बच्चों की पहचान, डाटा एंट्री, जियो टैगिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिला स्तर से एपीसी श्री तीरथ प्रसाद बड़गैइया, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री चंद्रशेखर उपाध्याय, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील शर्मा एवं बीआरसीसी श्री दया राम साहू उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में विकासखंड लोरमी के समस्त संकुल समन्वयक भी शामिल हुए।
मास्टर ट्रेनर श्री चंद्रशेखर उपाध्याय ने बताया कि ‘लइका चिन्हारी ऐप’ के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हैं या नियमित शिक्षा से वंचित हैं। इनमें ऐसे बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने अब तक स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है, बीच में पढ़ाई छोड़ दी है अथवा दिव्यांगता के कारण शिक्षा से नहीं जुड़ पाए हैं। सर्वेक्षण के माध्यम से इन बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उनकी आयु एवं आवश्यकता के अनुसार विद्यालय में प्रवेश, ब्रिज कोर्स, विशेष प्रशिक्षण तथा आवश्यक शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वेयर के चयन में ग्राम के शिक्षित युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित सर्वेयर घर-घर जाकर बच्चों की जानकारी एकत्र करेंगे और ऐप में आवश्यक विवरण दर्ज करेंगे। सर्वे कार्य के लिए प्रति सर्वे 20 रुपये मानदेय निर्धारित है। वहीं द्वितीय चरण में चिन्हांकित बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित होने तथा कम से कम तीन माह तक विद्यालय में अध्ययनरत रहने पर प्रति बच्चे 500 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

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