आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं

दुर्ग, 07 अप्रैल 2026/sns/-आईआईटी भिलाई के रसायन विज्ञान विभाग के एक शोध समूह, जिसमें भानेंद्र साहू, सुब्रत दोलुई, स्वरूप माईती, देबाशीष दास, के. सी. गुरजाला और डॉ. संजीब बैनर्जी शामिल हैं, के प्रयासों को HPCL NGIC (Next Generation Ideation Contest) 2025 में “Commendable Idea Award” से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम 30 मार्च 2026 को बेंगलुरु में आयोजित किया गया था, जिसका आयोजन HPCL Green R&D Center द्वारा किया गया।
HPCL NGIC, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का एक प्रमुख नवाचार मंच है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा, पर्यावरण और सततता से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान हेतु उन्नत विचारों की पहचान और प्रोत्साहन करना है। यह मंच देशभर के शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों को एक साथ लाकर वैज्ञानिक विचारों को वास्तविक और प्रभावी समाधानों में बदलने के लिए एक प्रतिस्पर्धात्मक और गतिशील वातावरण प्रदान करता है।
यह पुरस्कार “Waste-to-Wealth: Oil Spill Remediation Using Porous Polysulfide Adsorbents” शीर्षक वाले शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया, जिसे “सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी” थीम के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया था। यह शोध कार्य उक्त टीम द्वारा किया गया, जिसमें स्वरूप माईती ने कार्यक्रम में समूह का प्रतिनिधित्व करते हुए कार्य प्रस्तुत किया और टीम की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया।
यह शोध कार्य अपशिष्ट संसाधनों से उन्नत पॉलीमेरिक सामग्रियों के विकास पर केंद्रित है, जो तेल रिसाव (oil spill) के प्रभावी निवारण में सहायक हैं, तथा पर्यावरणीय सततता और परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं। इस शोध से संबंधित दो वैज्ञानिक प्रकाशन हो चुके हैं, और इस तकनीक को एक भारतीय पेटेंट भी प्राप्त हुआ है।
HPCL NGIC 2025 में मिली यह मान्यता इस शोध की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार क्षमता और वास्तविक जीवन में इसके प्रभावी अनुप्रयोग को दर्शाती है, जो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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