ज्ञानभारतम अभियानः प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु जनभागीदारी की अपील

बीजापुर, 17 अप्रैल 2026/sns/-छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने के उद्देश्य से “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” को गति दी जा रही है। इस अभियान के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों और ताड़पत्रों को सुरक्षित और डिजिटल रूप में संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पांडुलिपियां हमारी संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रमाण हैं। इन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई भी प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे “ज्ञानभारतम” मोबाइल ऐप के माध्यम से उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें।
प्रशासन के अनुसार, इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी और अधिक सशक्त होगी। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए जिले स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह अभियान राज्य की विरासत को सहेजने और ज्ञान को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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