3 हजार से शुरू हुआ सफर आज ‘लखपति दीदी’ बनीं सोड़ी गंगी
सुकमा, 17 अप्रैल 2026/sns/- जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत मेड़वाही गाँव की निवासी श्रीमती सोड़ी गंगी ने यह साबित कर दिया है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि संकल्प मजबूत हो, तो सफलता का रास्ता खुद बन जाता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच साधारण गृहणी जीवन जी रही सोड़ी गंगी आज अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन के बल पर क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है।
वर्ष 2020 में सोड़ी गंगी ने आदिवासी स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन को बदलने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया। समूह की चक्रीय निधि से मात्र 3,000 रुपये लेकर उन्होंने सिलाई कार्य शुरू किया और धीरे-धीरे अपने आत्मविश्वास को व्यवसाय में बदल दिया। इसके बाद समूह को मिले प्रथम डोज से 20,000 रुपये की सहायता लेकर उन्होंने अपने ही गाँव में किराना दुकान प्रारंभ की, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आने लगा और उनके सपनों को नई उड़ान मिली।
व्यवसाय में सफलता के बाद सोड़ी गंगी ने आगे बढ़ने का साहस दिखाया और द्वितीय डोज से 1 लाख रुपये की सहायता लेकर एक ऑटो रिक्शा खरीदा, जिसे आज उनके पति सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर चलाकर परिवार की आय बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में सोड़ी गंगी सिलाई एवं किराना दुकान का सफल संचालन कर रही हैं और उनकी मासिक आय 10 से 12 हजार रुपये तक पहुँच गई है। डिजिटल आजीविका रजिस्टर के अनुसार उनकी वार्षिक आय 1,23,115 रुपये हो चुकी है, जिससे उन्होंने आधिकारिक रूप से ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में स्थान प्राप्त कर लिया है।
इस उपलब्धि में उदय महिला संकुल स्तरीय संगठन, एरबोर की पीआरपी श्रीमती रुकमणी कर्मा का भी विशेष योगदान रहा, जिन्होंने समय-समय पर मार्गदर्शन प्रदान किया। सोड़ी गंगी भावुक होकर कहती हैं कि “बिहान योजना ने न केवल मेरी आय बढ़ाई, बल्कि मेरे परिवार को भी मजबूती दी है। आज मुझे गर्व है कि मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ।” उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।