जिले में ओडीएफ स्थायित्व के लिए तेज गति से हो रहा कार्य
दुर्ग, 19 मई 2026/sns/- जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्ण रूप से ’खुले में शौच मुक्त’ (ओडीएफ) बनाए रखने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य व स्वच्छता स्तर में सुधार के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे के मार्गदर्शन में जिले में व्यापक स्तर पर नए शौचालयों का निर्माण और प्रोत्साहन राशि के वितरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में प्राप्त मांग पत्रों के आधार पर 2462 नवीन पात्र परिवारों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। इनमें से 2382 हितग्राहियों के घरों में शौचालय निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात शासन द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा चुका है। प्रत्येक पात्र परिवार को शौचालय निर्माण हेतु 12 हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 2,85,84,000 (2 करोड़ 85 लाख 84 हजार रुपये) की राशि जारी की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी पाटन जनपद पंचायत से 110 और धमधा जनपद पंचायत से 159, इस प्रकार कुल 269 हितग्राहियों के घरों में शौचालय निर्माण पूर्ण होने पर उनके बैंक खातों में 12 हजार रूपए के मान से कुल 32,28,000 (32 लाख 28 हजार रुपये) की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित कर दी गई है।
जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ग्राम पंचायतों (सरपंच एवं सचिव) के माध्यम से जनपद पंचायत को प्राप्त मांग पत्रों की जांच जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा की जाती है। इसके बाद ग्रामीण स्तर पर जाकर घरों का भौतिक सत्यापन और ’जियो-टैगिंग की जाती है। कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और आधार आधारित डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे हितग्राही के आधार लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ने वाले नवीन परिवारों को शामिल किया जा रहा है। इसमें बीपीएल एवं एपीएल वर्ग के अंतर्गत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति,लघु एवं सीमांत कृषक, भूमिहीन मजदूर, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग (विशेष रूप से सक्षम) परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का फेज-02 अब अपने अंतिम चरण में है। अगले वित्तीय वर्ष से भारत सरकार द्वारा इसका ’फेज-03’ शुरू किया जाएगा। यही कारण है कि जिला प्रशासन इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि जो भी पात्र परिवार अब तक किसी भी योजना से लाभान्वित नहीं हो पाए हैं, उन्हें इस वर्ष हर हाल में कवर कर लिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान के कारण बेहद सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं और ग्रामीण अब नियमित रूप से शौचालयों का उपयोग कर अपनी जीवनशैली को स्वच्छ बना रहे हैं।