ग्राम बामपारा में सिंटेक्स टैंक बना राहत का सहारा

मुंगेली, 22 मई 2026/sns/- ग्रीष्म ऋतु में पेयजल संकट से जूझ रहे मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम बामपारा में अब राहत की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की पहल से गांव में लगाए गए सिंटेक्स टैंकों ने ग्रामीणों की बड़ी समस्या दूर कर दी है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना नहीं पड़ रहा है और गांव में नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो रहा है। दरअसल, गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर गिरने के कारण गांवों में लगे हैंडपंप सूख जाते थे, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल संकट प्रभावित गांवों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। सर्वे में मुंगेली ब्लॉक के 87 गांव चिन्हित किए गए, जिनमें ग्राम पंचायत करूपान का आश्रित ग्राम बामपारा भी शामिल था।
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि लगभग 804 आबादी वाले बामपारा में पहले 11 हैंडपंप एवं पावर पंपों के माध्यम से जलापूर्ति होती थी, लेकिन गर्मी में अधिकांश स्रोत सूख जाने से गांव में गंभीर जल संकट की स्थिति बन जाती थी। इसके बाद विभाग द्वारा ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां हर वर्ष हैंडपंप सूख जाते थे और जनपद पंचायत के सहयोग से 15वें वित्त आयोग की राशि से सिंटेक्स टैंक स्थापित किए गए। ग्राम करूपान के सरपंच श्री रामकुमार मोहले ने बताया कि वार्ड क्रमांक 03 और 07 में सिंटेक्स टैंक लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब गांव के लोगों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा और जरूरत के अनुसार पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीण उर्मिला बाई और देवचरण साहू ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सिंटेक्स टैंक लगने के बाद गांव में पेयजल समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। पहले जहां पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब गांव में ही पर्याप्त पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल गर्मी के मौसम में उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई है।

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