कबीरधाम में बेटियों को कैंसर से सुरक्षा कवच, 1158 बालिकाओं को लगा एचपीवी टीका

कवर्धा, 24 जून 2026/sns/- महिलाओं में सर्वाधिक जानलेवा कैंसरों में शामिल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए कबीरधाम जिले में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक जिले की 1158 बालिकाएं इस सुरक्षा कवच से जुड़ चुकी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने बताया कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है। गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय में 16 मार्च 2026 से शुरू हुआ यह अभियान के तहत जिला अस्पताल सहित सभी छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा रहा है, जहां कोल्ड चेन प्वाइंट उपलब्ध हैं। प्रतिदिन रविवार एवं शासकीय अवकाश को छोड़कर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक टीकाकरण किया जा रहा है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की एकल डोज (0.5 एमएल) लगाई जा रही है। यह टीका सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। टीकाकरण से पहले बालिका की आयु का सत्यापन आधार कार्ड अथवा जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर किया जा रहा है तथा अभिभावकों की सहमति भी ली जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने बताया कि टीकाकरण के दौरान बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों को सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी संक्रमण के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। वैक्सीन बांयी ऊपरी बांह में लगाई जाती है और टीकाकरण के बाद हितग्राही को आधा घंटा स्वास्थ्य केंद्र में रुकना अनिवार्य है। इसके पश्चात टीकाकरण कार्ड भी प्रदान किया जाता है। जिले में अब तक 1158 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।

बाजार में टीके की कीमत 4-6 हजार, शासन से मुफ्त में हो रहा टीकाकरण

डॉ. तुरे ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में यही टीका 4 से 6 हजार रुपये तक की लागत में उपलब्ध है, जबकि शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में इसे पूरी तरह निःशुल्क लगाया जा रहा है।

सर्वाइकल कैंसर से हर साल दुनियाभर में 75 हजार से ज्यादा मौत, एक तिहाई भारत में
विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में 75 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है, जिनमें लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में दर्ज की जाती हैं। ऐसे में एचपीवी टीकाकरण भविष्य की पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

14-15 वर्ष की उम्र की बालिकाओं को लग रहा टीका

एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। इसी संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। यह वैक्सीन 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के लिए निर्धारित है तथा केवल एक डोज (0.5 एमएल) में दी जाती है। जिले में जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और कोल्ड चेन प्वाइंट वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह टीका निःशुल्क उपलब्ध है। डॉक्टर्स के अनुसार समय पर लगाया गया एचपीवी टीका भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

टीकाकरण से पहले और बाद में इन बातों का रखें ध्यान

एचपीवी टीकाकरण के लिए बालिका की आयु का सत्यापन आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से किया जाता है। टीकाकरण से पहले अभिभावक की सहमति आवश्यक है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाभार्थी खाली पेट न हो। गर्भावस्था की स्थिति में यह वैक्सीन नहीं लगाई जाती। टीका बांयी ऊपरी बांह में लगाया जाता है तथा इसके बाद बालिका को कम से कम 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी के लिए रुकना होता है। टीकाकरण पूर्ण होने पर लाभार्थी को टीकाकरण कार्ड भी प्रदान किया जाता है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

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