विश्व जूनोसिस दिवस मुंगेली में 27 श्वानों का निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण पशुपालकों को दिया स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश
मुंगेली, 08 जुलाई 2026/sns/- विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर पशु चिकित्सा विभाग मुंगेली द्वारा जिले की विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थाओं में निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 27 देशी एवं विदेशी नस्ल के श्वानों का निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण किया गया तथा पशुपालकों को पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले रेबीज, ब्रूसेलोसिस, साल्मोनेला, टीबी, एंथ्रेक्स सहित अन्य जूनोसिस रोगों के प्रति लोगों को जागरूक कर जनस्वास्थ्य को सुरक्षित बनाना था। विशेषज्ञों ने बताया कि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर टीकाकरण, स्वच्छता और सुरक्षित पशुपालन सबसे प्रभावी उपाय हैं। पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. आर.एम.त्रिपाठी ने पशुपालकों से अपने पालतू पशुओं का नियमित टीकाकरण कराने तथा सुरक्षित एवं वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने कहा है, ताकि जूनोसिस बीमारियों की रोकथाम के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुशालाओं की नियमित साफ-सफाई, समय-समय पर निर्जंतुकरण, पशुओं की उचित देखभाल तथा किसी भी पशु, विशेषकर कुत्ते के काटने की स्थिति में बिना विलंब एंटी रेबीज टीका लगवाने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रेबीज एक अत्यंत घातक बीमारी है, जो मस्तिष्क तक पहुंचने के बाद लगभग असाध्य हो जाती है। इसलिए इससे बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय समय पर टीकाकरण ही है। उन्होंने कहा कि पशुओं का नियमित टीकाकरण न केवल उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा करता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में वन हेल्थ की अवधारणा पर भी विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मानव, पशु, पर्यावरण और स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए पशुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सीधे तौर पर समाज के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य से जुड़ी है।