रेशम की तितलियों ने बदल रही महिलाओं की तकदीर मिला स्वरोजगार का माध्यम
मुंगेली, 20 जुलाई 2026/sns/- जिले में रेशम विभाग की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। जिला रेशम केन्द्र चिरहुला द्वारा 01 हजार 500 रेशम तितलियों का वितरण महिला समूहों को किया गया है। विभाग द्वारा इन तितलियों के लिए लगभग 21 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार और आय बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिला है। इन वितरित तितलियों से लगभग 35 हजार कोसाफल (कोकून) के उत्पादन की संभावना है। इससे महिला हितग्राहियों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगी।
रेशम विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि रेशम उत्पादन न केवल ग्रामीण परिवारों की आय का स्थायी स्रोत बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। विभाग द्वारा हितग्राहियों को तितलियों के पालन, कोकून उत्पादन तथा आधुनिक तकनीकों का नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन सुनिश्चित हो सके। यह पहल महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेशम विभाग की इस अभिनव पहल से जिले की अनेक महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं और अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।