दिव्यांगजनों और जरूरतमंद मरीजों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने

जगदलपुर, 18 सितम्बर 2026/sns/- कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा विशेष रूप से अंदरूनी एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के साथ लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर

कमिश्नर श्री सिंह ने जगदलपुर तथा दंतेवाड़ा में आगामी दिनों में प्रस्तावित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय शिविर की तैयारियों की समीक्षा करते हुए शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में निवासरत जरूरतमंद दिव्यांगजनों का प्राथमिकता के साथ चिन्हांकन किया जाए और उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने विशेष रूप से अबूझमाड़ क्षेत्र के दिव्यांगजनों को शिविर से लाभान्वित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ प्रयास करने कहा। साथ ही पूर्व में वितरित किए गए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों में यदि आवश्यक बदलाव अथवा सुधार की जरूरत है, तो उसका भी चिन्हांकन कर आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।


आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की भर्ती जल्द पूर्ण करें

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार जल्द पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लक्षित बच्चों एवं महिलाओं को समेकित बाल विकास सेवाओं का लाभ पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए उक्त मैदानी अमले के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।
उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दरी, बर्तन सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों से सहयोग लेने कहा। वहीं अविद्युतीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


अंदरूनी क्षेत्रों के मोतियाबिंद मरीजों को दें प्राथमिकता

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर श्री सिंह ने मोतियाबिंद जांच एवं उपचार की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर जरूरतमंद मरीजों का चिन्हांकन करने तथा उनके ऑपरेशन के लिए सकारात्मक प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि माओवाद मुक्त क्षेत्रों के अंदरूनी गांवों में निवासरत मोतियाबिंद मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही दोनों आंखों में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन सर्वप्रथम किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर बेहतर दृष्टि सुविधा का लाभ मिल सके।
कमिश्नर ने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन निर्धारित एसओपी के अनुरूप तथा जिला अस्पताल में उपलब्ध ऑपरेशन थिएटर एवं अन्य सुविधाओं की क्षमता के आधार पर ही किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार रोस्टर बनाकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल कांकेर एवं जगदलपुर तथा महारानी अस्पताल स्थित अंबक नेत्र चिकित्सालय में भी ऑपरेशन कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती गीता रायस्त, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेश शांडिल्य, सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संभाग के अन्य जिलों के संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

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