बाल विवाह पर रोक लगाने जिले में जन जागरूकता अभियान जारी
मुंगेली, 17 अप्रैल 2026/sns/- जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बाल विवाह के रोकथाम हेतु जिले के नागरिकों को कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जो बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। शासन द्वारा 31 मार्च 2029 तक बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत विशेष रूप से अप्रैल माह को संवेदनशील मानते हुए जिले में निगरानी और कार्यवाही तेज की गई है।
जिले में पुलिस प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की संयुक्त टीम लगातार सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह प्रतिबंधित है। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वर-वधू के माता-पिता, परिजन एवं आयोजन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें 02 वर्ष तक का कारावास एवं 01 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
जिले की 367 ग्राम पंचायतों में से 155 ग्राम पंचायत एवं 06 नगरीय निकायों को अब तक बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है। शेष क्षेत्रों में भी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को सतत जनजागरूकता के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सर्व समाज प्रमुखों एवं विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में अपनी भागीदारी निभाएं। किसी भी प्रकार की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जा सकती है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सामूहिक प्रयासों से मुंगेली जिले को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाकर बच्चों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत कदम उठाया जाए।