चलो जिंदगी की कहानी बदलेंरू चुप रहने से नहीं, बात करने से बात बनेगी
सुकमा, 11 सितम्बर 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह के मार्गदर्शन में गुरुवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिलास्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की साइकोलॉजिस्ट नित्या देवांगन एवं रीना नायडू के मार्गदर्शन में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मानसिक तनाव, भावनात्मक चुनौतियों और संकट की स्थिति में संवाद एवं सहयोग के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
नर्सिंग कॉलेज सुकमा के 78 छात्र-छात्राओं के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं काउंसिलिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर संवाद किया और अपने विचार साझा किए। इस वर्ष की थीम चेंजिंग द नैरेटिव ऑन सुसाइड – स्टार्ट द कन्वर्सेशन” के अनुरूप विद्यार्थियों को समझाया गया कि मानसिक परेशानियों को चुपचाप सहने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना जरूरी है। साथ ही, किसी मित्र या सहपाठी के व्यवहार में बदलाव नजर आने पर उसे समझने, सुनने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर छात्र छात्राओं के द्वारा विभिन्न पोस्टर बनाकर लोगों को आत्महत्या की रोकथाम के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया गया कि एक संवेदनशील बातचीत किसी की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बन सकती है। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और सजगता की पहचान है। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने जीवन को अनमोल मानने, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और जरूरतमंद व्यक्ति का साथ देने का संकल्प लिया। आइए, चुप्पी तोड़ें, संवाद शुरू करें और मिलकर जिंदगी की कहानी को एक नई दिशा दें।