छिंदगढ़ में साकार हुआ पक्के घर का सपना
सुकमा, 12 सितम्बर 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुदूर वनांचल क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। छिंदगढ़ ग्राम पंचायत निवासी करमती (पति श्री दसरथ) के परिवार का संघर्ष अब इतिहास बन चुका है। बरसों से टपकती कच्ची छत, सीलन और हर मौसम की मार झेलने को मजबूर यह परिवार अब अपने मजबूत पक्के घर का मालिक बन गया है। प्रधानमंत्री के श्सबको पक्की छतश् के सेवा संकल्प के धरातल पर उतरने से करमती के चेहरे पर छाई मुस्कान ग्रामीण विकास की सच्ची सफलता बयां कर रही है।
समयबद्ध वित्तीय सहायता और स्वच्छता का मजबूत संबल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत इस आवास के लिए करमती को 1.20 लाख रूपये की अनुदान राशि उपलब्ध कराई गई, जिससे निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। इसके साथ ही परिवार को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवनशैली से जोड़ने के लिए 12,000 रूपए की लागत से शौचालय का निर्माण भी कराया गया। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन और प्रशासन के सतत मार्गदर्शन से यह आशियाना न केवल तय समय-सीमा में तैयार हुआ, बल्कि इसने पूरे परिवार को जीवन की मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण कर दिया।
रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से महका गृह प्रवेश का उत्सव
जनप्रतिनिधियों के द्वारा नए घर की चाबी मिलते ही परिवार के उल्लास का ठिकाना नहीं रहा। प्रवेश द्वार को फूलों की मालाओं और रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाकर करमती और उनके परिजनों ने अपने नए आशियाने में कदम रखा। यह केवल एक मकान में प्रवेश भर नहीं था, बल्कि अनिश्चितता और असुरक्षा के साए से निकलकर एक सुरक्षित, सुखद और गरिमामयी जीवन की विधिवत शुरुआत थी, जिसे देखकर पूरा गांव खुशी में शामिल हुआ।
वनांचल में उम्मीद, सम्मान और सुरक्षा की नई इबारत
छिंदगढ़ में तैयार यह पक्का आवास दर्शाता है कि कैसे जनकल्याणकारी नीतियां जमीन पर उतरकर अंतिम व्यक्ति के जीवन को बदल रही हैं। पक्के मकान ने करमती के परिवार को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के साथ-साथ समाज में सिर उठाकर जीने का आत्मसम्मान दिया है। सुकमा के सुदूर कोनों तक पहुंचती यह योजना साबित कर रही है कि पक्की छत केवल ईंट और गारे की दीवार नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सुरक्षित और खुशहाल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।