सेवा की कहानीः उज्ज्वला से रसोई में बचा समय बना संतोषी की खेती-बाड़ी का सहारा

अम्बिकापुर, 24 सितम्बर 2026/sns/-  ग्रामीण परिवारों के जीवन में छोटी-सी सुविधा भी बड़ा बदलाव ला सकती है। ग्राम सकालो निवासी संतोषी पात्र के परिवार में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिली रसोई गैस की सुविधा ने न केवल खाना बनाना आसान किया है, बल्कि उनके समय के बेहतर उपयोग का रास्ता भी खोला है। चूल्हे के लिए लकड़ी जुटाने और धुएं के बीच भोजन तैयार करने में लगने वाला समय अब बच रहा है। संतोषी इस समय का उपयोग परिवार की खेती-बाड़ी के काम में कर रही हैं

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपनी सेवा की कहानी साझा करते हुए संतोषी पात्र बताती हैं कि उनका परिवार खेती-बाड़ी कर जीवनयापन करता है। परिवार में सुबह का समय काफी व्यस्त रहता है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उनका नाश्ता और टिफिन तैयार करना होता है, वहीं खेत में होने वाले काम के लिए भी समय पर पहुंचना जरूरी होता है। पहले लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने के कारण इन सभी कामों को समय पर पूरा करना कठिन हो जाता था।

लकड़ी जुटाना भी था रोजमर्रा का अतिरिक्त काम

संतोषी बताती हैं कि गैस की सुविधा मिलने से पहले परिवार की रसोई पूरी तरह लकड़ी के चूल्हे पर निर्भर थी। भोजन बनाने से पहले जलाऊ लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। कई बार लकड़ी लेने जंगल जाना पड़ता था। जब लकड़ी उपलब्ध नहीं होती थी तो बाजार या अन्य माध्यम से खरीदनी पड़ती थी। संतोषी के अनुसार लकड़ी खरीदने में करीब 200 से 250 रुपये तक खर्च हो जाते थे। इसके बाद भी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त लकड़ी हमेशा उपलब्ध नहीं हो पाती थी।

लकड़ी की व्यवस्था करने के बाद चूल्हा जलाने और उस पर भोजन तैयार करने में भी अधिक समय लगता था। चूल्हे से निकलने वाला धुआं रसोई के काम को और कठिन बना देता था। सुबह के समय भोजन तैयार करने में देरी का असर परिवार के दूसरे कामों पर भी पड़ता था।

बच्चों का टिफिन भी समय पर, खेत का काम भी समय पर
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस की सुविधा मिलने के बाद संतोषी की दिनचर्या में बदलाव आया है। अब सुबह कम समय में परिवार के लिए नाश्ता और भोजन तैयार हो जाता है। बच्चों का टिफिन भी समय पर बन जाता है, जिससे उन्हें स्कूल भेजने में सुविधा हुई है।

रसोई का काम जल्दी पूरा होने का सीधा लाभ संतोषी को खेती-बाड़ी में मिल रहा है। वे बताती हैं कि अब समय बचने के कारण घर के काम पूरे करने के बाद खेत में भी समय पर पहुंच जाती हैं। खेत में मजदूर काम कर रहे हों तो वहां पहुंचकर काम देखना और खेती से जुड़े दूसरे जरूरी कार्य करना भी आसान हुआ है।

रसोई की सुविधा ने आसान की पूरे परिवार की दिनचर्या
संतोषी के लिए गैस कनेक्शन केवल खाना बनाने का साधन नहीं, बल्कि समय बचाने वाली महत्वपूर्ण सुविधा भी बना है। पहले सुबह का काफी समय लकड़ी और चूल्हे से जुड़े कामों में निकल जाता था। अब वही समय बच्चों और खेती-बाड़ी के लिए उपयोग हो रहा है। परिवार समय पर भोजन कर पा रहा है और संतोषी को घर तथा खेत दोनों की जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिली सुविधा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संतोषी पात्र ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए  कहा कि गैस की सुविधा से उनके परिवार को रसोई के काम के साथ खेती-बाड़ी और बच्चों की दिनचर्या संभालने में भी सहूलियत मिली है।

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