सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में चला व्यापक स्वच्छता अभियान
मुंगेली, 01 अक्टूबर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान एवं ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत कलेक्टर के श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिलेभर में व्यापक स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं शासकीय संस्थानों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत भवन, कार्यालय परिसर, स्कूल परिसर, आम बाजार, अटल चौक, अमृत सरोवर सहित सार्वजनिक एवं सामुदायिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। कई स्थानों पर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान लोगों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
गांव-गांव पहुंचा स्वच्छता का संदेश
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित अभियान के तहत धनगांव, टेमरी, गोल्हापारा, भीमपुरी, बरदुली, छतौना, भथरी, भठलीकला, नवागांव टे., मानपुर, फंदवानी, कारेसरा, सुरदा, पौनी, करूपान, खुर्शी, लिम्हा, बोधापारा, देवरी, जुझारभाठा एवं भरूवागुड़ा, बुंदेली, बैहाकापा, सिपाही, दशरंगपुर, केशली खुर्द, कोना, डोमनपुर, टेढ़ाधोरा, संगवाकापा, प्रतापपुर, खुजहा, रामगढ़, केशरूवाडीह, सुरही, जमुनाही, खाम्हीकुर्मी, रोहराखुर्द, सोढ़ार, डोंगरिया, गोड़खाम्ही, बिठलदह एवं हरदीबांध सहित अनेक ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। स्वच्छता शपथ के साथ पंचायत भवन परिसर, आम बाजार, स्कूल परिसर एवं अमृत सरोवर परिसर में श्रमदान कर साफ-सफाई की गई। इसमें सरपंच, सचिव, पंच, रोजगार सहायक, कोटवार एवं ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। विभिन्न ग्रामों में सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, ग्रामवासी एवं स्व-सहायता समूहों ने एकजुट होकर स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
स्वच्छता के साथ वृद्धजन सम्मान का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत कुछ ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान के साथ अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस भी मनाया गया। ग्रामवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों ने वृद्धजनों का सम्मान कर उनके अनुभवों और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया। ग्राम पंचायतों में आयोजित कार्यक्रमों में स्वच्छता शपथ के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।