सेवा की कहानी कचरे से आय की ओर बढ़ीं कुदरीडीह की स्वेच्छाग्राही दीदियां, 650 किलो कचरे की बिक्री
अम्बिकापुर, 02 अक्टूबर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयास गांवों में बेहतर कचरा प्रबंधन का आधार बन रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत मैनपाट की ग्राम पंचायत कुदरीडीह में स्वेच्छाग्राही दीदियां घर-घर से कचरा संग्रहण कर उसके व्यवस्थित निपटान में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
ग्राम पंचायत में स्वेच्छाग्राही दीदियों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण किया जाता है। घरों से एकत्र कचरे को सेग्रीगेशन शेड तक लाकर उसकी अलग-अलग छंटाई की जाती है। इसी क्रम में कचरा छंटाई के बाद कुल 650 किलोग्राम कचरे की बिक्री की गई।
घरों से संग्रहण, शेड में छंटाई
कचरा प्रबंधन की इस व्यवस्था के तहत घरों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय नियमित रूप से एकत्र कर सेग्रीगेशन शेड तक पहुंचाया जा रहा है। यहां स्वेच्छाग्राही दीदियां कचरे की छंटाई कर बिक्री योग्य सामग्री को अलग करती हैं। इससे गांव में कचरे के व्यवस्थित प्रबंधन के साथ स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
स्वच्छता के साथ आय का भी माध्यम
कुदरीडीह में स्वेच्छाग्राही दीदियों का यह प्रयास बताता है कि घरों से निकलने वाला कचरा उचित संग्रहण और छंटाई के बाद उपयोगी संसाधन बन सकता है। बिक्री योग्य कचरे से प्राप्त राशि स्वच्छता गतिविधियों से जुड़े आर्थिक पक्ष को भी मजबूत करती है।
“सेवा की कहानी” के रूप में कुदरीडीह की यह पहल स्वच्छता में सामुदायिक भागीदारी और कचरे के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण बन रही है। स्वेच्छाग्राही दीदियों की सक्रिय भागीदारी से गांव को स्वच्छ रखने के साथ एकत्र कचरे का व्यवस्थित उपयोग भी सुनिश्चित हो रहा है।