गुणवत्तापूर्ण ECCE शिक्षा से बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रशासन की प्रभावी पहल
सुकमा, 05 अक्टुबर 2026/sns/- जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से सशक्त आंगनवाड़ी अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय ECCE प्रशिक्षण कार्यक्रम विवेकानंद हॉल, सुकमा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने पर्यवेक्षकों से सीधे संवाद कर आंगनवाड़ी केंद्रों में किए जा रहे नवाचारों, सकारात्मक बदलावों और बच्चों के विकास के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण केंद्र तक सीमित न रखते हुए उन्हें बच्चों के सीखने, खेलने और व्यक्तित्व विकास के अनुकूल सशक्त एवं आकर्षक स्थान के रूप में विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार ने पर्यवेक्षकों के अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए बेहतर और सीखने योग्य वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में वेलकम बोर्ड, फैमिली ट्री और आकर्षक वॉल पेंटिंग विकसित कराने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के लिए मिरर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वे स्वयं अपने जूते, कपड़े, बाल और व्यक्तिगत साज-सज्जा को देखकर व्यवस्थित रखने की आदत विकसित कर सकें। इन छोटे लेकिन प्रभावी नवाचारों के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत देखभाल की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ नियमित रूप से ECCE आधारित गतिविधियां संचालित करें और प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को व्यवहारिक रूप से कार्यकर्ताओं तक पहुंचाएं। गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास को गति देने पर विशेष बल दिया गया। पर्यवेक्षकों द्वारा साझा किए गए अनुभवों और नवाचारों से यह स्पष्ट हुआ कि सशक्त आंगनवाड़ी अभियान के माध्यम से जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं और इन प्रयासों को और व्यापक बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम में पीपीआईए फेलो सौरभ का विशेष योगदान रहा।
जिला प्रशासन की यह पहल जिले में ‘हर बच्चे को बेहतर शुरुआत’ देने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। प्रशिक्षण से प्राप्त सीख को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त, आकर्षक, सुरक्षित और बाल हितैषी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने सभी पर्यवेक्षकों को नवाचारों को स्थानीय स्तर पर अपनाने और बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक आनंददायक एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। प्रशासन के इन प्रयासों से प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ जिले के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार होने की उम्मीद है।