जापानी इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से घबराएं नहीं, सतर्क रहें: स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी

बीजापुर, 12 अक्टूबर 2026/sns/- बीजापुर जिले के कुछ क्षेत्रों में जापानी इंसेफेलाइटिस (Japanese Encephalitis – JE) के सकारात्मक मामले पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा दल भेजकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने आम जनता से अपील की है कि वे इस बीमारी से घबराएं नहीं, बल्कि सतर्कता बरतें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जापानी इंसेफेलाइटिस, जिसे आम भाषा में ‘दिमागी बुखार’ भी कहा जाता है, मुख्य रूप से क्यूलेक्स (Culex) प्रजाति के मच्छरों के काटने से फैलता है। यह मच्छर ज्यादातर धान के खेतों, गंदे पानी के जमाव और सुअर पालन क्षेत्रों के आसपास पनपते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को इस बीमारी से सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित बचाव और सुरक्षा उपायों को अपनाने की सलाह दी है:

मच्छरों से बचाव के मुख्य उपाय:
* मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय हमेशा मच्छरदानी (विशेषकर मेडिकेटेड मच्छरदानी) का उपयोग करें।
* पूरी आस्तीन के कपड़े: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि मच्छर न काट सकें।
* मच्छर रोधी क्रीम: घर से बाहर निकलते समय या खेतों में काम करते समय मच्छर भगाने वाली क्रीम या लोशन का प्रयोग करें।
* घर की खिड़कियां बंद रखें: शाम के समय मच्छरों को घर में घुसने से रोकने के लिए खिड़की-दरवाजों में जाली लगाएं या उन्हें बंद रखें।

आस-पास के वातावरण की स्वच्छता:
* जलजमाव रोकें: अपने घर और आस-पास पानी जमा न होने दें। गड्ढों को मिट्टी से भरें या वहां रुके हुए पानी में डीडीटी (DDT) या कीटनाशक का छिड़काव करवाएं।
* पशु बाड़ों की सफाई: सुअर पालन केंद्रों और मवेशियों के बाड़ों को घरों से दूर रखें और वहां कीटनाशकों का नियमित छिड़काव करें।

जापानी इंसेफेलाइटिस के प्रमुख लक्षण:

* तेज बुखार आना।
* सिर में अत्यधिक दर्द होना।
* गर्दन में अकड़न होना।
* मानसिक भ्रम, बेहोशी या दौरे (झटके) आना।
* बच्चों में सुस्ती और अत्यधिक कमजोरी दिखना।

स्वास्थ्य विभाग की विशेष अपील:
यदि परिवार में किसी को भी, विशेषकर बच्चों को, तेज बुखार के साथ ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवा लेने (Self-medication) से बचें। इस बीमारी का इलाज सही समय पर शुरू होने से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा है ताकि हम सब मिलकर बीजापुर को इस बीमारी से सुरक्षित रख सकें।

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