गेंदा की खेती किसानों के लिये बना आय का नया विकल्प

बलौदाबाजार, 14 अक्टूबर 2026/sns/- जिले के किसान अब परंपरागत खेती से आधुनिक औऱ कम लागत मे अधिक मुनाफा वाली खेती की ओर अग्रसर हैं। गेंदा फूल की खेती एक नया विकल्प के रूप मे उभर रहा है।

एक्सटेंशन रिफार्म्स योजना अंतर्गत विकासखंड सिमगा के किसान राधेश्याम सोनकर एवं अन्य कृषकों के द्वारा 10 एकड़ रकबे में एवं कुछ किसानों द्वारा स्वयं से 20 एकड़ रकवे में गेंदा की खेती की गई है। किसानों द्वारा गेंदा को 120 रूपये किलो की दर से रायपुर, भिलाई एवं अन्य स्थानों में विक्रय कर प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रूपये लाभ अर्जित किया जा रहा है।

गेंदा की खेती कम अवधि में तैयार होने वाली एक उपयोगी व्यावसायिक फसल है, जिसका उपयोग धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों, पूजा-पाठ, त्यौहारों, विवाह समारोहों तथा सजावट में गेंदा के फूलों की मांग बनी रहती है। किसान स्थानीय बाजार, फूल विक्रेताओं एवं मांग के अन्य उपलब्ध माध्यमों को ध्यान में रखकर इसकी खेती की योजना बना सकते हैं, धान एवं अन्य परंपरागत फसलों के साथ गेंदा जैसी उद्यानिकी फसलों को अपनाने से किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार आत्मा योजना अंतर्गत गेंदा की खेती का प्रक्षेत्र निरीक्षण, किसानों को फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक ने विगत दिनों गेंदा की खेती का निरीक्षण किया तथा खेती की स्थिति, पौधों की बढ़वार एवं उत्पादन की संभावनाओं की जानकारी ली गई। इस दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा फूलों की खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई, और अधिक से अधिक कृषकों को गेंदा की खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

उप संचालक कृषि ने बताया कि गेंदा की खेती से आय का आकलन वास्तविक लाभ उत्पादन, किस्म, मौसम, लागत, बाजार भाव तथा बिक्री व्यवस्था पर निर्भर करता है। गेंदा की खेती में उन्नत किस्मों का चयन, समय पर रोपाई, संतुलित पोषण प्रबंधन, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट-रोगों का उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण है। खेती शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार में फूलों की मांग एवं संभावित बिक्री मूल्य की जानकारी लेना भी आवश्यक है। कृषि विभाग एवं आत्मा योजना के माध्यम से किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी आधारित गतिविधियों की जानकारी देकर आय के वैकल्पिक स्रोतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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