नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली तस्वीर अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर
सुकमा, 07 अप्रैल 2026/sns/-कभी नक्सल आतंक और दुर्गम रास्तों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को मजबूर थे, आज वही ग्रामीण अब निर्भय होकर शहरों तक पहुंच रहे हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद सुकमा जिले के दूरस्थ इलाकों में विकास की नई रोशनी पहुंची है। इसी बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के लोगों की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला दिया है। कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के कई गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना आसान हो गया है।
8-10 किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी खत्म
ग्राम लखापाल निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा शुरू होने से पहले उन्हें मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए चिंतलनार तक पैदल जाना पड़ता था। कई बार समय पर बस नहीं पकड़ पाने के कारण उनका पूरा दिन खराब हो जाता था और जरूरी कार्य अधूरे रह जाते थे। ग्रामीणों ने कहा पहले बस पकड़ने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था। कई बार बस छूट जाती थी। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर बस चलने से हमारी जिंदगी बदल गई है।
अब समय पर काम और सुरक्षित वापसी संभव
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के नजदीक से गुजर रही है। ग्रामीण अब आसानी से बस में सवार होकर दोरनापाल पहुंचते हैं, अपने जरूरी कार्य पूरे करते हैं और उसी बस से सुरक्षित वापस लौट आते हैं। इस सुविधा से न केवल समय और श्रम की बचत हो रही है, बल्कि यह योजना महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और श्रमिकों के लिए भी बड़ी राहत बन गई है।
नक्सल भय से मुक्त होकर रोजगार की ओर बढ़ रहे ग्रामीण
जहां पहले नक्सलियों के डर के कारण लोग गांव से बाहर निकलने में भी डरते थे, वहीं अब सुरक्षा और स्थिरता लौटने के बाद ग्रामीण निर्भय होकर शहरों की ओर जा रहे हैं। बस सुविधा मिलने से अब लोग रोजी-मजदूरी, व्यापार, इलाज और शिक्षा के लिए गांव से बाहर आसानी से आ-जा रहे हैं। यह बदलाव केवल यातायात तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम साबित हो रहा है।
ग्रामीणों ने जताया शासन-प्रशासन के प्रति आभार
इरकमपल्ली निवासी श्री मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का बड़ा माध्यम बन रही है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
जिला प्रशासन द्वारा 15 बसों का संचालन
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे और दूरस्थ क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही 5 हक्कुम मेल बसों का संचालन भी लगातार दूरस्थ क्षेत्रों में किया जा रहा है। बसों के सफल संचालन हेतु शासन द्वारा बसों को सब्सिडी प्रदान की जाती है, साथ ही 3 वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशीलता और जिला प्रशासन की सक्रियता का परिणाम है, जिससे दूरस्थ गांवों में रहने वाले नागरिकों को विकास से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजनाः विकास की नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब सिर्फ परिवहन योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुविधा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर अब यह क्षेत्र विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और ग्रामीणों के जीवन में यह परिवर्तन एक नए भविष्य की शुरुआत है।