श्रम विभाग की योजना से उच्च शिक्षा के लिए श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा लाभ
मोहला, 7 अप्रैल 2026/sns/-श्रम विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से अब पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना तथा उन्हें देश-विदेश में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह योजना “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के नाम से संचालित है, जिसके अंतर्गत कक्षा 10 वीं से लेकर उच्च शिक्षा एवं विदेश में अध्ययन तक के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत दी जाने वाली राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से एकमुश्त भेजी जाती है। योजना का लाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और यह सहायता प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में केवल एक बार प्रदान की जाएगी। साथ ही श्रमिक का कम से कम 90 दिन पूर्व मंडल में पंजीयन होना अनिवार्य है।
- शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन राशि का विवरण
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को 5,000 से 5,500 तक की राशि दी जाती है। वहीं स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को 7,000 से 7,500 तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 10,000 से 10,500 तक की सहायता प्रदान की जाती है। व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को 12,000 से 12,500 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10 वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश की मेरिट सूची में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन क्रय हेतु अतिरिक्त 1 लाख की सहायता भी प्रदान की जाती है।
- देश-विदेश शिक्षा सहायता एवं अन्य सुविधाएं
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को देश के साथ-साथ विदेश में भी उच्च शिक्षा के लिए व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की आर्थिक सहायता (निर्धारित विनिमय दर के अनुसार) दी जा सकती है, साथ ही प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं शिक्षण शुल्क का वहन भी विभाग द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए प्रवेश शुल्क, शिक्षण शुल्क, छात्रावास में रहने एवं भोजन पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति की जाती है। विद्यार्थियों को प्रति वर्ष कॉपी-किताब एवं स्टेशनरी के लिए 2,000 की सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, यदि छात्र निजी (अशासकीय) संस्थानों में अध्ययन करते हैं, तब भी उन्हें शासकीय संस्थानों के बराबर निर्धारित शुल्क के अनुसार प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है।
- इस प्रकार कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक पंजीकृत श्रमिक जिला कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या “श्रमेव जयते” मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ श्रमिक पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, स्वघोषणा पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है। योजना का लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकता है और यदि लाभार्थी किसी अन्य समान योजना का लाभ पहले से ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
श्रम विभाग की योजना से उच्च शिक्षा के लिए श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा लाभ