चिरायु योजना बनी वरदान जन्मजात मोतियाबिंद से जूझ रही नन्ही जोएना को मिली नई रोशनी
मुंगेली, 19 जून 2026/sns/- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत संचालित चिरायु योजना विकासखंड लोरमी के ग्राम सेंनगुड़ा की चार वर्षीय नन्ही जोएना जांगड़े के लिए वरदान बन गई। जन्मजात मोतियाबिंद के कारण दोनों आंखों से देखने में असमर्थ जोएना का निःशुल्क उपचार चिरायु योजना के अंतर्गत कराया गया। दो सफल ऑपरेशन के बाद अब वह अपनी दोनों आंखों से सामान्य रूप से देख पा रही है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) डॉ. गिरीश कुर्रे एवं चिरायु योजना के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार के मार्गदर्शन में चिरायु दल ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जोएना की गंभीर नेत्र समस्या की पहचान की। जोएना ने महज़ आठ माह की उम्र में अपनी मां को खो दिया था। इसके बाद उसके बड़े पिताजी श्री बाबूलाल भास्कर और बड़ी मां श्रीमती दीपक भास्कर ने उसका पालन-पोषण किया। परिवार ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन आर्थिक और चिकित्सीय कठिनाइयों के कारण उपचार संभव नहीं हो पा रहा था।
चिरायु टीम ने परिवार को योजना की जानकारी देकर उपचार की पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। जिला चिकित्सालय से सिम्स अस्पताल, बिलासपुर रेफर किए जाने के बाद सभी आवश्यक जांचें कराई गईं। 25 अप्रैल 2026 को एक आंख तथा 12 जून 2026 को दूसरी आंख का सफल ऑपरेशन किया गया। अब जोएना अपनी दोनों आंखों से स्पष्ट रूप से देख पा रही है और उसके जीवन में नई उम्मीदों का उजाला लौट आया है। परिवार ने शासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। समय पर सहायता मिलने से बच्ची को रोशनी मिली है।