’13 किलोमीटर तक कोई बसाहट नहीं फिर भी 5.16 करोड़ रुपये की सड़क-नाली बनाई

कोरबा, 18 सितंबर 2026/sns/- दैनिक भास्कर रायपुर के 18 सितंबर 2026 के अंक में प्रकाशित समाचार में दूधी टाँगर से पुटकापहाड़ सड़क तथा 5.16 करोड़ रुपये की सड़क-नाली निर्माण संबंधी समाचार प्रकाशित किए गए हैं। उक्त समाचार के संबंध में वनमंडल अधिकारी कोरबा द्वारा वस्तु स्थिति की जांच कराई गई। जिसमें सड़क की स्थिति सामान्य पाई गई। डीएफओ के निर्देष पर उप वन मंडलाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए जांच प्रतिवेदन में समाचार में प्रस्तुत तथ्य वास्तविक स्थिति से भिन्न पाए गये।
यह सड़क वर्ष 2021-22 में स्वीकृत हुई थी। प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल 2022 में पूर्ण किया जा चुका है और निर्माण को लगभग साढ़े चार वर्ष का समय व्यतीत हो चुका है। अतः इसे हाल में निर्मित सड़क के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं है।
वहीं, समाचार में यह उल्लेख किया गया है कि वन मंत्री के दूधी टाँगर पहुंचने के 25 दिन बाद तेज बारिश होने से सड़क क्षतिग्रस्त हुई। प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि 18 सितंबर 2026 तक कोरबा तहसील में इस वर्षा ऋतु में सर्वाधिक वर्षा 119.8 प्रतिशत दर्ज हुई है। संबंधित मार्ग की लंबाई लगभग 12 किलोमीटर है। मार्ग के लगभग 100 से 150 मीटर हिस्से में सड़क पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरती है। इस हिस्से में तेज बारिश के कारण पहाड़ी से बहने वाले पानी का दबाव अधिक होने से सड़क को सामान्य से अधिक क्षति पहुंची है। डीएफओ कोरबा द्वारा उक्त क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत बारिष के पष्चात करने के निर्देष दिए गये हैं।
समाचार में 13 किलोमीटर तक कोई बसाहट नहीं होने का उल्लेख भी तथ्यात्मक स्थिति के अनुरूप नहीं है। प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित क्षेत्र में मैगजीन नामक स्थान पर चार पहाड़ी कोरवा परिवार निवासरत हैं। इसके अलावा सड़क के अंतिम छोर पर पहाड़ी कोरवा एवं अन्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के लोगों की आस्था से जुड़ा राम कचहरी मंदिर स्थित है, जहां वर्ष में तीन बार पूजा-अर्चना होती है तथा आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचते हैं।
वन विभाग द्वारा बताया गया है कि दूधीटाँगर एवं पुटकापहाड़ क्षेत्र अति संवेदनशील वन क्षेत्र हैं। ग्रीष्म ऋतु में जंगल को आग से बचाने तथा जैव विविधता की सुरक्षा के लिए वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण करते हैं। साथ ही आसपास के ग्रामीणों के लिए निस्तारी मार्ग तथा लघु वनोपज के संग्रहण की सुविधा की दृष्टि से भी उक्त मार्ग का महत्व है।
इसके अतिरिक्त, पुटकापहाड़ में पूर्व में हुए खनन संचालन से प्रभावित क्षेत्र के पुनः वनिकीकरण में भी उक्त मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
वन मंडल कोरबा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि दैनिक भास्कर अखबार में प्रकाशित समाचार में सड़क के निर्माण वर्ष, क्षेत्र में निवासरत परिवारों, धार्मिक स्थल तथा मार्ग की उपयोगिता से संबंधित तथ्यों को समग्र रूप से प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित समाचार के तथ्यों को उपरोक्त वास्तविक स्थिति के संदर्भ में देखा जाना उचित होगा। वन विभाग कोरबा ने उक्त समाचार को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है।

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