तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए खुशखबरी भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्ध व्यवस्था लागू
बीजापुर, 13 अप्रैल 2026/sns/-शासन की नवीन तेंदूपत्ता नीति के तहत तेंदूपत्ता संग्रहकों को अब संग्रहण पारिश्रमिक का भुगतान पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। इस पहल से संग्रहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
वर्ष 2024 में 27,448 संग्रहक परिवारों को 26.75 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025 में 10925 संग्रहकों को 6.70 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। वर्तमान स्थिति में भुगतान को लेकर किसी भी संग्राहक की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वर्ष 2026 में अब तक 53608 संग्रहक परिवारों में से 51818 परिवारों के बैंक खाते खुलवाए जा चुके हैं, जबकि शेष संग्रहकों के खाते खोलने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। इसके साथ ही संग्रहकों के मोबाइल नंबर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से जोड़े जा रहे हैं, ताकि भुगतान की सूचना तुरंत मिल सके। इस वर्ष 15 दिनों के भीतर पारिश्रमिक राशि सीधे खातों में जमा करने की तैयारी की जा रही है।
समिति स्तर पर तेंदूपत्ता संग्रहण को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार, दीवार लेखन और बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। संग्रहकों को उच्च गुणवत्ता के पत्तों का संग्रहण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें अधिक दर पर भुगतान मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो।
इसके अलावा, शासन द्वारा संग्रहकों के लिए बीमा एवं शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्रहक सामाजिक सुरक्षा योजना तथा बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से संग्रहक परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ.साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग मिल रहा है। फड़ ग्राम स्तर पर उपलब्ध वाहनों ट्रैक्टर, पिकअप आदि से तेंदूपत्ता परिवहन की व्यवस्था की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। तेंदूपत्ता सीजन 2026 के दौरान अच्छी गुणवत्ता के पत्तों की खरीदी जारी रहेगी, जिससे अधिक से अधिक संग्रहकों को लाभ मिल सके। प्रशासन ने सभी संग्रहकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का e-KYC अवश्य कराएं, ताकि भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा न आए और वे इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।