बाल विवाह रोकने संयुक्त टीम की त्वरित कार्यवाही

कवर्धा, 08 मई 2026/sns/-राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली द्वारा संचालित योजना “आशा” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कु. संघरत्ना भतपहरी के निर्देशानुसार तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम श्री अमन तिग्गा के मार्गदर्शन में जिले में लगातार विधिक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कबीरधाम के एक नगरीय निकाय क्षेत्र में विधि प्रतिकूल रूप से अवयस्क बालकों का विवाह संपन्न कराए जाने की सूचना प्राप्त होने पर गठित संयुक्त टीम द्वारा तत्काल त्वरित कार्यवाही की गई।
संयुक्त टीम में महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड हेल्प लाईन, जिला पुलिस कबीरधाम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलव्ही शामिल रहे। टीम ने विवाह स्थल पर पहुंचकर संबंधित बालकों के परिजनों एवं उपस्थित सामाजिक जनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के दण्डात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। टीम द्वारा परिजनों को समझाइश देते हुए बताया गया कि विवाह के लिए विधि द्वारा निर्धारित आयु की पूर्णता आवश्यक है तथा बाल विवाह कानूनन अपराध है। समझाइश के दौरान सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की भी जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित बालकों को पीएलव्ही द्वारा आवश्यक विधिक सहायता एवं परामर्श प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजना “आशा” का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के संबंध में आमजन में जागरूकता बढ़ाना है, ताकि बालकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम ने समस्त नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी प्राप्त होती है, तो उसकी सूचना तत्काल चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम के दूरभाष नंबर 07741-299950 पर दें।

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