आत्मसमर्पण के बाद नई राह, पुनर्वास के लिए 40 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

बीजापुर, 19 सितम्बर 2026/sns/- हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को गति देने के लिए बीजापुर जिले में शासन की पुनर्वास नीति के तहत महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के प्रावधानों के तहत कलेक्टर श्री विश्वदीप ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 40 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि के आहरण एवं संवितरण की स्वीकृति प्रदान की है।
इस राशि का उद्देश्य आत्मसमर्पण के बाद नई जिंदगी शुरू करने वाले व्यक्तियों को आर्थिक संबल देना और उन्हें स्थायी रूप से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करना है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत लच्छु कोरसा, रंगा पुनेम, दोबा माड़वी, फगनी पोयाम, सूरज मुन्नी, हिड़में कड़ती, बुधरी कुंजाम एवं सलमी चम्पिया को इस पहल का लाभ मिलेगा।

आर्थिक सहायता के साथ सम्मानजनक जीवन की ओर कदम

आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्तियों को सामान्य सामाजिक जीवन, रोजगार, स्वरोजगार और सुरक्षित भविष्य के अवसरों से जोड़ना भी है। आर्थिक सहायता मिलने से आत्मसमर्पित नक्सलियों को अपने परिवार के साथ स्थिर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
बीजापुर जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित जिले में पुनर्वास से जुड़ी ऐसी पहल शांति, विश्वास और विकास की प्रक्रिया को मजबूत करने में सहायक है। शासन की नीति के माध्यम से हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को समाज में दोबारा स्थान बनाने और अपने भविष्य को बेहतर दिशा देने का अवसर मिल रहा है।

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