जंगल की अनिश्चितता से अपने आशियाने तक रू सुदु कड़ती की नई शुरुआत
बीजापुर, 19 सितम्बर 2026/sns/- कभी नक्सली संगठन से जुड़कर जंगलों में अनिश्चित और भयपूर्ण जीवन जीने वाले ग्राम पंचायत फूलगट्टा निवासी सुदु कड़ती ने आज हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और सम्मान की राह अपना ली है। वर्ष 2022 में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे सुदु कड़ती अब अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिले पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहे हैं।
जंगल के जीवन से सामान्य जिंदगी की ओर
नक्सली गतिविधियों के प्रभाव और सीमित संसाधनों के बीच सुदु कड़ती नक्सली संगठन से जुड़ गए थे। जंगलों में रहते हुए उनका जीवन भय, असुरक्षा और अपनों से दूरी के बीच गुजरता था। समय के साथ उन्होंने महसूस किया कि हिंसा से जीवन की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। सामान्य और सुरक्षित जीवन की इच्छा ने उन्हें आत्मसमर्पण का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 2022 में आत्मसमर्पण कर उन्होंने हथियार छोड़ने और समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
शासन के सहयोग से बदली जिंदगी
आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उनका पक्का आवास स्वीकृत हुआ। आवास निर्माण पूरा होने के बाद उनके परिवार को सुरक्षित और स्थायी आशियाना मिला।
“अब बच्चों को डर नहीं, बेहतर भविष्य देना चाहता हूं”
अपने अनुभव साझा करते हुए सुदु कड़ती बताते हैं कि जंगल में रहते हुए हर दिन डर और अनिश्चितता के बीच गुजरता था। अपनों से दूर रहने का दर्द भी हमेशा बना रहता था। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें लगा कि जिंदगी को नई दिशा दी जा सकती है। वे कहते हैं, आत्मसमर्पण के बाद लगा कि अब जिंदगी बदल सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना घर मिलने के बाद पहली बार महसूस हुआ कि मेरी भी समाज में एक पहचान है। अब मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे डर नहीं, बल्कि शिक्षा, सम्मान और अच्छे भविष्य के साथ जीवन जिएं।
पक्का घर बना सुरक्षित भविष्य की नींव
आज सुदु कड़ती अपने परिवार के साथ अपने पक्के घर में नई उम्मीदों के साथ जीवन आगे बढ़ा रहे हैं। उनके जीवन में आया यह बदलाव बताता है कि आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास, शासन की योजनाओं से जुड़ाव और विकास के अवसर व्यक्ति को नई दिशा दे सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण उनके लिए सिर्फ एक पक्का मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और स्थायी जीवन की नई शुरुआत का आधार बनी है। सुदु कड़ती की कहानीकृहिंसा से विकास की ओर, अनिश्चितता से स्थायित्व की ओर और जंगल से अपने आशियाने तक बदलाव की कहानी है।