किसान परिवार के राकेश की पढ़ाई में मददगार बनी छात्रवृत्ति, किताबें खरीदने में मिल रही सहायता’

अम्बिकापुर, 07 अक्टूबर 2026/sns/-b  उच्च शिक्षा की राह में विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति आर्थिक सहायता के साथ उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है। किसान परिवार से आने वाले श्री राकेश मिंज के लिए भी छात्रवृत्ति पढ़ाई जारी रखने और आवश्यक किताबें खरीदने में सहारा बनी है।

अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले श्री राकेश मिंज वर्तमान में बीए पांचवें सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं। उनके पिता कृषक हैं और खेती-बाड़ी कर परिवार की आजीविका चलाते हैं। ऐसे में पढ़ाई से जुड़े विभिन्न खर्चों को पूरा करने में सरकार से मिलने वाली छात्रवृत्ति उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

’किताबें खरीदने और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों में मिल रही मदद’
राकेश बताते हैं कि छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग वे मुख्य रूप से अपनी पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए करते हैं। इससे उन्हें किताबें खरीदने सहित अन्य शैक्षणिक कार्यों में सुविधा मिलती है। छात्रवृत्ति मिलने से परिवार पर पढ़ाई से जुड़े खर्च का भार कम करने में भी सहायता मिल रही है।

राकेश मिंज ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया, मैं बीए पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा हूं। मेरे पिताजी कृषक हैं और खेती-बाड़ी करते हैं। सरकार द्वारा हमें छात्रवृत्ति मिलती है, जिससे किताबें खरीदने और पढ़ाई से जुड़े अन्य कार्यों में बहुत सुविधा मिलती है। उन्होंने छात्रवृत्ति के माध्यम से मिल रही सहायता के लिए राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।

’उच्च शिक्षा की राह में छात्रवृत्ति बनी सहारा’
आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। राकेश जैसे विद्यार्थियों को मिलने वाली यह सहायता किताबों एवं अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री की व्यवस्था में सहयोग कर रही है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा को आगे बढ़ा पा रहे हैं।

About The Author