लोक सेवा केन्द्र अब बनेंगे ’सेवा-सेतु केन्द्र’, 442 डिजिटल सेवाएं होंगी उपलब्ध

रायगढ़, 19 जून 2026/sns/- प्रदेश में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए राज्य शासन ने लोक सेवा केन्द्रों को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश के सभी लोक सेवा केन्द्र ’सेवा-सेतु केन्द्र’ के नाम से संचालित होंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को पहले की अपेक्षा अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। शासन का उद्देश्य आम लोगों को एक ही स्थान पर सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से पूर्व में उपलब्ध 73 सेवाओं की संख्या बढ़ाकर अब 442 कर दी गई है। इससे नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ एक ही केन्द्र के माध्यम से मिल सकेगा। शासन का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से आम लोगों का समय और संसाधन दोनों की बचत होगी तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक आसान बनेगी।
सभी केन्द्रों में एक जैसी पहचान और नई व्यवस्था लागू होगी
प्रदेश के सभी सेवा-सेतु केन्द्रों में एक समान पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए केन्द्रों के मुख्य द्वार पर सेवा-सेतु केन्द्र नाम की नई नाम पट्टिका लगाई जाएगी तथा शासन द्वारा जारी अधिकृत लोगो का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही पोर्टल, पावती रसीदों और आधिकारिक पत्राचार में अब लोक सेवा केन्द्र के स्थान पर सेवा-सेतु केन्द्र शब्द का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाएगा। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा-सेतु पोर्टल के संचालन हेतु अधिकृत सेवा प्रदाताओं को अब सेवा-सेतु प्रबंधक के नाम से जाना जाएगा।
जन-जागरूकता अभियान चलाकर दी जाएगी जानकारी
राज्य शासन ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि विस्तारित डिजिटल सेवाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के साथ-साथ जिला स्तरीय वेबसाइटों और अन्य माध्यमों का उपयोग भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (डीईजीएस) निधि का उपयोग निर्धारित नियमों के तहत किया जा सकेगा। शासन ने सभी जिलों से सेवा-सेतु केन्द्रों के परिवर्तित स्वरूप की जानकारी एवं फोटोग्राफ सहित प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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