सीएम विष्णुदेव साय ने कार्टून बनाकर किया कार्टून फेस्टिवल का शुभारंभ
रायपुर, 15 देश 2026/sns/- की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच अपने प्रकाशन के 31वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस अवसर पर हर वर्ष की तरह राजधानी रायपुर में 13 अक्टूबर को होटल बेबीलॉन में कार्टून फेस्टिवल का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कार्टून बनाकर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कार्टून बनाया।
इस अवसर पर जयपुर से आए कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी ने महज दो मिनट में मुख्यमंत्री का कैरिकेचर बनाया। वहीं, कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने भी दो मिनट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कैरिकेचर बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
तीन दशक तक पत्रिका का प्रकाशन बड़ी उपलब्धि : डॉ. हिमांशु द्विवेदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथि वक्ता डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि आज के दौर में जब स्थापित समाचार पत्र भी दम तोड़ने लगे हैं, तब एक विलुप्त होती विधा पर लगातार तीन दशकों से पत्रिका का प्रकाशन अपने आप में आश्चर्यजनक है। इसके लिए पत्रिका के संपादक त्र्यंबक शर्मा साधुवाद के पात्र हैं।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से इस आयोजन से जुड़े हुए हैं। यह पहला अवसर है, जब सम्मानित होने वाले कार्टूनिस्ट उनके साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने अभिषेक तिवारी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर शुभकामनाएं दीं।
नेताओं पर सबसे ज्यादा कार्टून बनते हैं : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नेता लोग कार्टूनिस्टों के पसंदीदा विषय होते हैं और सबसे ज्यादा कटाक्ष भी हम नेताओं पर ही किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विलुप्त होती इस विधा को तीन दशकों से सहेजकर रखना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।
कार्टून फेस्टिवल की अहमियत का अंदाजा इसके अतिथियों से लगाया जा सकता है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कार्टून वॉच के कार्टून फेस्टिवल का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि वर्ष 2011 में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और वर्ष 2012 में बालासाहेब ठाकरे भी इस आयोजन में शामिल हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कैरिकेचर बुक का विमोचन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित यह कैरिकेचर पुस्तक अपने आप में अनूठी पहल है। उन्होंने इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए कार्टून वॉच को बधाई दी।
अपने जन्मस्थान पर सम्मानित होना भावुक क्षण : अभिषेक तिवारी
जयपुर के कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने के बाद कहा कि यह उनके लिए बेहद भावुक क्षण है, क्योंकि उनका सम्मान उसी स्थान पर हो रहा है, जहां उनका जन्म हुआ था। हालांकि, उनका पूरा जीवन भिंड और राजस्थान में बीता है।
उन्होंने बताया कि कार्टून बनाने के लिए विद्रोही स्वभाव उपयोगी होता है और यही स्वभाव उनके काम आया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार जब वेज बोर्ड लागू करती है, तो कार्टूनिस्ट को संपादक की तरह मान्यता देती है। इसलिए कार्टूनिस्ट को केवल कलाकार के रूप में नहीं देखना चाहिए।
अभिषेक तिवारी ने इस सम्मान के लिए कार्टून वॉच परिवार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्टून वॉच से सीखा बहुत कुछ : आलोक शर्मा
मुंबई से आए कार्टूनिस्ट आलोक शर्मा ने बताया कि वह महज 15 वर्ष की उम्र में कार्टून वॉच से जुड़ गए थे। उस समय उन्हें प्रतिमाह 100 रुपये मिलते थे, जो उनके लिए बहुत बड़ी रकम थी।
उन्होंने कहा कि त्र्यंबक शर्मा उनके जीवन के पहले सेलिब्रिटी थे, जिनसे वे मिले थे। उनसे मिलने के लिए उन्होंने ढाई घंटे तक उनके घर पर इंतजार किया था। आलोक शर्मा ने कहा कि कार्टून वॉच से उन्होंने बहुत कुछ सीखा और यही वजह है कि आज वे लेखक, निर्देशक और एनिमेटर के रूप में पहचाने जाते हैं।
पत्रिका से जुड़े सदस्यों और लेखकों का विशेष सम्मान
इस अवसर पर संपादक त्र्यंबक शर्मा ने पत्रिका से जुड़े कुछ सदस्यों और लेखकों को सरप्राइज सम्मान के रूप में स्मृति चिह्न अतिथियों के हाथों प्रदान करवाए। इनमें व्यंग्य लेखिका डॉ. सारिका सिंघानिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
इसके अलावा अख्तर अली, ई.वी. मुरली, राजेश गनोदवाले, प्रवीण शुक्ल, संजीव गुप्ता, रवि तिवारी, संघर्ष यदु, जयेन्द्र नारंग, आशीष त्रिपाठी और रितेश अग्रवाल को भी सम्मानित किया गया।
बच्चों ने भी दिखाई अपनी कलात्मक प्रतिभा
कार्यक्रम से पहले आयोजित परिचर्चा में श्रीमती एकता शर्मा, प्रफुल्ल पारे, अमरजीत चावला, अंजय शुक्ला, प्रभात मिश्रा, निशीथ ठाकुर, भगवत साहू, नवीन शर्मा और निर्मल चंद्र शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर मिताली खोदियार ने कठपुतली के माध्यम से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्टून, कैरिकेचर तथा पेंटिंग भी प्रदर्शित की गईं, जिन्हें बच्चों ने तैयार किया था। कोपलवाणी के बच्चों, संघर्ष यदु की पेंटिंग टीम तथा अंजनेय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस दौरान बच्चों की कलात्मक प्रतिभा भी प्रदर्शित की गई।
समारोह में कार्टूनिस्ट धनेश दिवाकर, अजय सक्सेना, उज्ज्वल दीपक, यशवंत धोटे, प्रदीप जैन, कौशल किशोर शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।