भिण्डी की खेती ने बढ़ाई किसान सुदरू तेलम की आमदनी


बीजापुर, 02 अक्टूबर 2026/sns/- जिले के किसानों को परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में उद्यानिकी विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का लाभ ग्राम एरमनार, विकासखण्ड बीजापुर निवासी कृषक श्री सुदरू तेलम पिता श्री भीमा तेलम को मिला है। धान की खेती के बाद खाली रहने वाली जमीन पर भिण्डी की खेती कर श्री तेलम अब अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रहे हैं।
कृषक श्री सुदरू तेलम बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। धान के अलावा शेष बची जमीन पर कोई अन्य फसल नहीं लेते थे। उद्यानिकी विभाग के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी ने उन्हें खाली जमीन का बेहतर उपयोग करते हुए भिण्डी की खेती करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं उद्यानिकी फसलों से होने वाले लाभ की जानकारी दी।

बेहतर उत्पादन के साथ बाजार में मिला अच्छा दाम

विभागीय मार्गदर्शन से प्रेरित होकर श्री तेलम ने भिण्डी की खेती शुरू की। उचित देखभाल और मेहनत से फसल का उत्पादन अच्छा हुआ। स्थानीय बाजार में भिण्डी की लगातार मांग होने के कारण उन्हें उपज बेचने में भी किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। बाजार में भिण्डी 40 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से आसानी से बिक रही है।
कृषक श्री तेलम को उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत 6 हजार रुपये की अनुदान राशि का लाभ भी प्रदान किया गया। विभागीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार में अच्छे भाव के फलस्वरूप उन्हें भिण्डी की खेती से लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई है।
अब और अधिक रकबे में करेंगे भिण्डी की खेती

अतिरिक्त आय मिलने से श्री तेलम के परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। खेती से मिले अच्छे परिणाम से उत्साहित श्री तेलम ने आने वाले वर्ष में और अधिक रकबे में भिण्डी की खेती करने का निर्णय लिया है। श्री सुदरू तेलम कहते हैं कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें खेती में आय बढ़ाने का नया रास्ता मिला है। भिण्डी की खेती से कम समय में अच्छा उत्पादन और स्थानीय बाजार में उचित मूल्य मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों को भी परंपरागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने की प्रेरणा दे रही है।

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