जिले के सभी पंचायतों में 24 जून को ग्रामसभा का आयोजन
राजनांदगांव, 19 जून 2026/sns/-छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार राज्य में ग्रामीण प्रगति और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए 24 जून 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। ग्रामसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे अंतर्गत चिन्हित परिवारों की सूची का वाचन किया जाएगा तथा ग्रामसभा के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की सूची का अंतिम अनुमोदन किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सूची का प्रदर्शन कर ग्रामीणों के समक्ष उसका वाचन किया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार की जाएगी। आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के अलावा ग्रामसभा में नए परिवारों के नाम जोडऩे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वे का उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों की पहचान करना है, जो अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभ से वंचित हैं। सत्यापन एवं ग्रामसभा अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र परिवारों की सूची शासन को प्रेषित की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों से 24 जून को आयोजित ग्रामसभा में उपस्थित होकर आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची के सत्यापन एवं अनुमोदन की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता शत-प्रतिशत निभाएं। ग्रामसभा आवास प्लस 2.0 सर्वे की सूची का सत्यापन निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। इनमें पक्की छत या पक्का दिवाल वाला घर, दो से अधिक कमरों वाले घर, मोटर चलित तीन या चार पहिया वाहन, यंत्रीकृत तिपहिया व चौपहिया कृषि उपकरण, 50 हजार रूपए या अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड, परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो, सरकार के पास पंजीकृत गैर कृषि उद्यम, आय 15 हजार रूपए प्रतिमाह से अधिक हो, आयकर दाता, व्यावसायिक करदाता तथा 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि, पांच एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि रखने वाले परिवार शामिल है। आवास प्लस 2.0 की सूची सिस्टम आधारित एवं एआई जनरेटेड है। ग्रामसभा आवास प्लस 2.0 सर्वे सूची का ग्रामसभा से सत्यापन पश्चात प्राथमिकता कम के मापदंड अनुसार ऐसे हितग्राही जिनको पहली के लाभार्थी, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, व्यस्क सदस्य का अभाव, महिला-मुखिया व विधवा, साक्षरता का अभाव, आश्रयविहीन परिवार, निराश्रित, मैला ढोने वाले परिवार, विशेष पिछड़ी जनजाति समूह, कानूनी रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूर, गंभीर बीमारी से पीडि़त सदस्य वाले परिवार, वार्षिक पारिवारिक आय का स्तर के आधार पर निर्धारण किया जाएगा। सूची में नाम जोडऩे के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि की मांग या वसूली किए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।