सेवा सेतु बना डिजिटल सुशासन का आधार
अम्बिकापुर,19 जून 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में लोक सेवा केन्द्रों का उन्नयन ष्सेवा सेतु केन्द्रष् के रूप में किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, नाम परिवर्तन संबंधी राजपत्र अधिसूचना तथा भू-नकल सहित 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिले में सेवा सेतु केन्द्रों का विस्तार
वर्तमान में जिले के सभी 16 तहसील कार्यालयों में सेवा सेतु केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अंबिकापुर, लखनपुर एवं सीतापुर के शहरी क्षेत्रों में लगभग 50 सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों को सेवा सेतु केन्द्रों की सेवाओं के संचालन से जोड़ने की प्रक्रिया जिला स्तर पर की जा रही है। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के नागरिकों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।
सेवा सेतु रू जनता के द्वार, डिजिटल सरकार
सेवा सेतु के माध्यम से शासन की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नागरिकों तक सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से पहुंच रहा है। सभी सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, जिससे आम नागरिकों को तय अवधि के भीतर सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
एक ही प्लेटफॉर्म पर सेवाओं के संचालन से नागरिकों को अनेक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। अलग-अलग विभागों और पोर्टलों पर निर्भरता कम हुई है तथा एक ही स्थान पर सेवाओं की उपलब्धता से समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बचत हो रही है। इससे सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनी है।
सेवा सेतु के माध्यम से आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, नाम परिवर्तन अधिसूचना तथा भू-नकल संबंधी सेवाओं का भी व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
सेवा सेतु में 86 से बढ़कर 441 सेवाएं
पूर्व में ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं। आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण ष्सेवा सेतुष् विकसित किया गया, जिसमें अब 441 से अधिक सेवाएं शामिल की गई हैं। इनमें 54 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का एकीकरण किया गया है। तीस से अधिक विभाग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
नाम परिवर्तन हेतु गजट नोटिफिकेशन सेवा हुई आसान
पूर्व में नाम परिवर्तन संबंधी गजट नोटिफिकेशन के लिए नागरिकों को आवेदन करने राजनांदगांव जाना पड़ता था, जिससे समय एवं आर्थिक संसाधनों का अतिरिक्त व्यय होता था। अब यह सुविधा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है। नागरिक अपने जिले अथवा निकटतम सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर आसानी से इस सेवा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
पंचायत स्तर पर उपलब्ध हुई विवाह प्रमाण-पत्र सेवा
पंचायत स्तर की सेवाओं को भी सेवा सेतु पोर्टल से जोड़ा गया है। इसके तहत विवाह प्रमाण-पत्र सेवा अब पंचायत स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल रही है
व्हाट्सएप के माध्यम से भी मिल रही सुविधा
तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सरकारी सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने के साथ ऑनलाइन सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना पा रहे हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिला बढ़ावा
सेवा सेतु केवल एक पोर्टल नहीं, बल्कि शासन और नागरिकों के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की निगरानी आसान हुई है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही दोनों को मजबूती मिली है। डिजिटल सुशासन की दिशा में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई है, जो नागरिकों को घर के निकट, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने में प्रभावी भूमिका निभा रही है।