मितानिन कल्याण कोष से जिले की मितानिनों को 18.39 लाख की सहायता राशि स्वीकृत मिलेगी आर्थिक संबल

बलौदाबाजार, 8 जून 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मितानिनों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित मितानिन कल्याण कोष के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की मितानिनों को कुल 18 लाख 39 हजार 263 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। जिले की कार्यरत 2420 मितानिनों के लिए यह योजना कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

मितानिन कार्यक्रम का संचालन स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर द्वारा किया जा रहा है तथा तकनीकी सहयोग सोसायटी फ़ॉर एक्शन इन कम्युनिटी हेल्थ (सच)द्वारा प्रदान किया जा रहा है। मितानिन कल्याण कोष के माध्यम से मातृत्व सहायता, पति की मृत्यु पर सहायता, बच्चों की उच्च शिक्षा, स्वयं की शिक्षा, चिकित्सा सहायता, कन्या विवाह तथा मितानिन की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण लाभ दिए जाते हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ की राशि जबकि जिले में इस वर्ष कुल 57 मितानिन परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि वितरित की गई। इसमें 25 मितानिनों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 6.95 लाख रुपये, 11 मितानिनों को स्वयं की शिक्षा हेतु 1.05 लाख रुपये, 5 हितग्राहियों को पति की मृत्यु पर 4.75 लाख रुपये तथा 9 परिवारों को कन्या विवाह सहायता के रूप में 4.50 लाख रुपये प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त 80 रुपये हज़ार मितानिनों की मृत्यु पर परिवार को ,25 हज़ार मातृत्व सहायता और 9 हज़ार रुपये की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।

राज्य सरकार द्वारा मितानिनों के कल्याण के लिए संचालित यह योजना शासन की उनके प्रति संवेदनशील सोच और सम्मान को दर्शाती है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रथम कड़ी के रूप में कार्य करने वाली मितानिनों को इस प्रकार की सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना एक सराहनीय पहल है।जिले की मितानिनों ने भी छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, यह सहायता राशि जरूरत के समय मितानिन परिवारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करती है तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मितानिन कल्याण कोष के माध्यम से दी जा रही यह सहायता न केवल मितानिनों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है। सरकार की यह पहल सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी शासन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

About The Author